24/11/2020
*क्यों बेहद जरूरी है स्वास्थ्य बीमा: जानिए 5 महत्वपूर्ण बिंदु*
कुछ दिन पहले बाइक से हुई दुर्घटना में अक्षत रस्तोगी के पैर की हड्डी टूट गयी.
जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता लगा उनके सिर में हेयर लाइन फ्रैक्चर भी हुआ है. इलाज का खर्च दो-तीन लाख रुपये आ सकता है. रस्तोगी को यह पैसा अपनी जेब से खर्च करना पड़ा.
कंज्यूमर साथी के सीईओ मानव बजाज ने कहा, _‘स्वास्थ्य पर खर्च लगातार बढ़ रहा है और अब मामूली बीमारियों के इलाज में भी लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं.’_
*क्यों है हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी जरूरत?*
केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि _मेडिकल इमरजेंसी के मामले में 80 फीसदी केस पैसे की दिक्कत की वजह से बिगड़ जाते हैं._
हेल्थ इंश्योरेंस इस स्थिति में आपके लिए मददगार साबित होता है.
हम आपको हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी 7 अहम बातें बता रहे हैं:
*1.पैसे बर्बाद नहीं हो रहे हैं.*
बहुत से लोग मेडिक्लेम या हेल्थ इंश्योरेंस लेने को पैसे की बर्बादी मानते हैं.
सर्टिफाइड फानेंशियल प्लानर सामंत सिक्का कहते हैं, ‘अगर आपको इसका क्लेम लेने की जरूरत नहीं पड़े तो बहुत अच्छी बात है. स्वस्थ रहने और संभलकर रहने का कोई विकल्प नहीं, लेकिन अगर कभी आपको जरूरत पड़ ही जाए तो यह आपकी जेब में छेद होने से बचा सकता है. _मामूली सा प्रीमियम चुकाने के बाद पांच-सात लाख रुपये का हेल्थ कवर लेना समझदारी की बात है._
*2.तुलना करें, फिर खरीदें स्वास्थ्य बीमा*
हेल्थ प्लान लेने से पहले उसकी शर्त को ध्यान से समझें. _अगर खुद पढ़कर समझ नहीं आ रहा हो तो किसी जानकर की मदद लें._ आप हमसे संपर्क कर सकते हैं - SVARA FINCON 7024777954
*3.जल्द खरीदने पर प्रीमियम कम*
अगर आप 40 साल की उम्र से पहले कवर लेते हैं तो आपको बिना शर्त के अधिकतम फायदा मिल सकता है. दीपाली कहती हैं, ‘युवाओं को आमतौर पर बीमारियां कम होती हैं. इस लिहाज से बीमा देने वाली कंपनियां उनके लिए प्रीमियम कम रखती हैं.’
हर साल इसे समय से रिन्यू करते रहने से आपको नो क्लेम बोनस का लाभ मिलता रहेगा. _एक मध्य आय वर्ग के शादीशुदा व्यक्ति को कम से कम पांच लाख रुपये का कवर लेना चाहिए._
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*4.ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है*
हेल्थ इंश्योरेंस लेते वक्त बीमा कंपनी को अपने मेडिकल रिकॉर्ड के बारे में सही-सही जानकारी दें. अगर आप कुछ गलत जानकारी देते हैं तो स्वास्थ्य बीमा कंपनी आपको क्लेम देने से मना कर सकती है, जिससे इलाज के दौरान आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
सिक्का ने कहा, ‘हेल्थ प्लान लेते वक्त पुरानी बीमारियों को छुपाना गलत है. _बीमा कंपनी को साफ़-साफ़ बताएं भले ही आपको प्रीमियम अधिक चुकाना पड़े._ सभी जानकारी ले लें और फिर सोच समझकर फैसले लें.’
सिक्का ने कहा कि इलाज के वक्त या उसके बाद क्लेम खरिज हो जाने का दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए इसकी नौबत ही न आने दें.
*5. क्या शामिल नहीं है, इसे जानना जरूरी*
मेडिकल इंश्योरेंस में कुछ चीजें शामिल नहीं होती. _हर बीमा कंपनी के अपने नियम होते हैं और उस हिसाब से वह कंपनी पॉलिसी डिजाइन करती हैं._
हेल्थ पॉलिसी खरीदने से पहले यह समझ लें कि उसमें क्या शामिल नहीं है. कुछ पालिसी में राइडर के तहत गंभीर बीमारियों का कवर लिया जा सकता है तो कुछ में घरेलू वजहों से हुई दुर्घटना के मामले में कवरेज नहीं मिलती. इन सब चीजों को क्लियर कर ही पॉलिसी खरीदें.
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें SVARA FINCON - 7024777954
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