Svara Fincon

Svara Fincon We help you manage your investments and finances with professional expertise. we have a solution for everything.

Be it Life Insurance, Health Insurance, Vehicle Insurance, Home Insurance or Investment in Mutual Funds, Gold, Bonds etc.

04/11/2021
What are waiting periods in health insurance policies?*Waiting period in health insurance is essentially the period duri...
19/02/2021

What are waiting periods in health insurance policies?*

Waiting period in health insurance is essentially the period during which you may not use the benefits of your health policy.

“Waiting periods are kept as part of the policy to prevent misuse of insurance and discourage people from filing unethical/fraudulent claims where a person who needs immediate hospitalization is taking a policy under false pretences." tells an insurance advisor.

Health insurance policies usually have an ‘initial waiting period’ of about a month. What it means is that you cannot use any of your policy benefits for a month starting from the date your policy was issued. This is valid only for the first time you are buying a policy and doesn’t apply on policy renewals.

Normally, the waiting periods are different for each disease/ailment/treatment and also depend on the specific benefits of the policy. To know the exact ‘waiting period’ applicable please call SVARA FINCON 7024777954.

To completely understand what ‘waiting period for pre-existing diseases’ means, you need to understand what insurers mean when they mention ‘pre-existing diseases (PED)’ in the policy.

Some examples of pre-existing diseases include diabetes, hypertension, thyroid, etc. If you are already suffering from a PED, it is usually not covered by your health insurance immediately. There is a waiting period from the date of policy issuance after which you can use the policy benefits.

Contact for Details - 7024777954

*परिवार के ये लोग भी टैक्स बचाने में मदद कर सकते हैं, जानिए कैसे*इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के अलावा भी टैक्स बचत के ...
01/12/2020

*परिवार के ये लोग भी टैक्स बचाने में मदद कर सकते हैं, जानिए कैसे*
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के अलावा भी टैक्स बचत के कुछ विकल्प हैं, जिसका लाभ उठाया जा सकता है. इसमें माता-पिता, बच्चे और पति/पत्नी भी मदद कर सकते हैं.

*1. माता-पिता, बच्चों और जीवनसाथी के लिए लें हेल्थ इंश्योरेंस*: यदि आपके माता-पिता के पास कोई हेल्थ इंश्योरेस नहीं है तो आप इसे खरीदकर टैक्स बचा सकते हैं. क्योंकि बढ़ती उम्र में पेरेंट्स के अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम बढ़ जाता है. _ऐसे में सेक्टशन 80D के तहत आप 25 हजार रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं. यदि पेरेंटस् की उम्र 60 साल से अधिक है तो आप 50 हजार रुपये का क्लेम कर सकते हैं._ वहीं, पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए भी हेल्थ पॉलिसी खरीद क्लेम कर सकते हैं.

Health Insurance can be your First Step towards Financial Freedom...Get your Free Copy of "3 Steps towards Financial Freedom" Now... Click to know more https://bit.ly/2ZJA1mX

*2. बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन पर कर सकते हैं बचत*: _बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन पर 80 सी के तहत डिडेक्शन क्लेम किया जा सकता है._ वहीं, इस कटौती का लाभ आप दो बच्चों की ट्यूशन फीस पर भी उठा सकते हैं. लेकिन इसमें परीक्षा फीस और डेवलेपमेंट फंड शामिल नहीं किया जाता है.

*3. पत्नी के साथ मिलकर खरीदें प्रॉपर्टी*: अगर आप पत्नी के साथ मिलकर प्रॉपर्टी खरीदते हैं हो आपको टैक्स बचाने में बड़ी मदद मिलेगी. प्रॉपर्टी के को-ऑनर के तौर पर पत्नी को शामिल करने पर लोन की वैधता बढ़ जाती है. क्योंकि _सेक्शन 80सी के तहत पति-पत्नी दोनों को लोन के ब्याज और मूल के भुगतान पर टैक्स में छूट का प्रावधान है._ क्योंकि ऐसा करने से टैक्सेबल इनकम दो हिस्सों में बंट जाती है.

*4. बच्चे और माता-पिता के नाम पर करें निवेश*: _माता-पिता के निचले टैक्स स्लैब में आने से एक निश्चित रकम गिफ्ट कर आप टैक्स से बच सकते हैं._ क्योंकि इस रकम पर कोई गिफ्ट टैक्स नहीं देना पड़ेगा. इस रकम से आप पेरेंट्स के लिए एफडी भी खुलवा सकते हैं या उनके भविष्य के जमा कर सकते हैं.

Call *Svara Fincon* to know more 7024777954

Get your FREE copy of "3 Steps towards Financial Freedom" now!

26/11/2020

24/11/2020

*क्यों बेहद जरूरी है स्वास्थ्य बीमा: जानिए 5 महत्वपूर्ण बिंदु*



कुछ दिन पहले बाइक से हुई दुर्घटना में अक्षत रस्तोगी के पैर की हड्डी टूट गयी.
जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता लगा उनके सिर में हेयर लाइन फ्रैक्चर भी हुआ है. इलाज का खर्च दो-तीन लाख रुपये आ सकता है. रस्तोगी को यह पैसा अपनी जेब से खर्च करना पड़ा.
कंज्यूमर साथी के सीईओ मानव बजाज ने कहा, _‘स्वास्थ्य पर खर्च लगातार बढ़ रहा है और अब मामूली बीमारियों के इलाज में भी लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं.’_

*क्यों है हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी जरूरत?*

केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि _मेडिकल इमरजेंसी के मामले में 80 फीसदी केस पैसे की दिक्कत की वजह से बिगड़ जाते हैं._
हेल्थ इंश्योरेंस इस स्थिति में आपके लिए मददगार साबित होता है.

हम आपको हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ी 7 अहम बातें बता रहे हैं:

*1.पैसे बर्बाद नहीं हो रहे हैं.*
बहुत से लोग मेडिक्लेम या हेल्थ इंश्योरेंस लेने को पैसे की बर्बादी मानते हैं.
सर्टिफाइड फानेंशियल प्लानर सामंत सिक्का कहते हैं, ‘अगर आपको इसका क्लेम लेने की जरूरत नहीं पड़े तो बहुत अच्छी बात है. स्वस्थ रहने और संभलकर रहने का कोई विकल्प नहीं, लेकिन अगर कभी आपको जरूरत पड़ ही जाए तो यह आपकी जेब में छेद होने से बचा सकता है. _मामूली सा प्रीमियम चुकाने के बाद पांच-सात लाख रुपये का हेल्थ कवर लेना समझदारी की बात है._

*2.तुलना करें, फिर खरीदें स्वास्थ्य बीमा*
हेल्थ प्लान लेने से पहले उसकी शर्त को ध्यान से समझें. _अगर खुद पढ़कर समझ नहीं आ रहा हो तो किसी जानकर की मदद लें._ आप हमसे संपर्क कर सकते हैं - SVARA FINCON 7024777954

*3.जल्द खरीदने पर प्रीमियम कम*
अगर आप 40 साल की उम्र से पहले कवर लेते हैं तो आपको बिना शर्त के अधिकतम फायदा मिल सकता है. दीपाली कहती हैं, ‘युवाओं को आमतौर पर बीमारियां कम होती हैं. इस लिहाज से बीमा देने वाली कंपनियां उनके लिए प्रीमियम कम रखती हैं.’
हर साल इसे समय से रिन्यू करते रहने से आपको नो क्लेम बोनस का लाभ मिलता रहेगा. _एक मध्य आय वर्ग के शादीशुदा व्यक्ति को कम से कम पांच लाख रुपये का कवर लेना चाहिए._

Health Insurance can be your First Step towards Financial Freedom...Get your Free Copy of "3 Steps towards Financial Freedom" Now... Click to know more https://bit.ly/2ZJA1mX

*4.ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है*
हेल्थ इंश्योरेंस लेते वक्त बीमा कंपनी को अपने मेडिकल रिकॉर्ड के बारे में सही-सही जानकारी दें. अगर आप कुछ गलत जानकारी देते हैं तो स्वास्थ्य बीमा कंपनी आपको क्लेम देने से मना कर सकती है, जिससे इलाज के दौरान आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
सिक्का ने कहा, ‘हेल्थ प्लान लेते वक्त पुरानी बीमारियों को छुपाना गलत है. _बीमा कंपनी को साफ़-साफ़ बताएं भले ही आपको प्रीमियम अधिक चुकाना पड़े._ सभी जानकारी ले लें और फिर सोच समझकर फैसले लें.’
सिक्का ने कहा कि इलाज के वक्त या उसके बाद क्लेम खरिज हो जाने का दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए इसकी नौबत ही न आने दें.

*5. क्या शामिल नहीं है, इसे जानना जरूरी*
मेडिकल इंश्योरेंस में कुछ चीजें शामिल नहीं होती. _हर बीमा कंपनी के अपने नियम होते हैं और उस हिसाब से वह कंपनी पॉलिसी डिजाइन करती हैं._
हेल्थ पॉलिसी खरीदने से पहले यह समझ लें कि उसमें क्या शामिल नहीं है. कुछ पालिसी में राइडर के तहत गंभीर बीमारियों का कवर लिया जा सकता है तो कुछ में घरेलू वजहों से हुई दुर्घटना के मामले में कवरेज नहीं मिलती. इन सब चीजों को क्लियर कर ही पॉलिसी खरीदें.
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें SVARA FINCON - 7024777954

Health Insurance can be your First Step towards Financial Freedom...Get your Free Copy of "3 Steps towards Financial Freedom" Now... Click to know more https://bit.ly/2ZJA1mX

 #जयछठीमैया
21/11/2020

#जयछठीमैया

20/11/2020

13/11/2020


Get your finances planned this with .

07/07/2020

Call Now 7024777954

01/07/2020

Plan your Money with SVARA FINCON
CALL 7024777954

Address

C/o Shri Sanjay P Tamaskar, Gaurishankar Mandir Marg
Raigarh
496001

Opening Hours

Monday 11am - 7pm
Tuesday 11am - 7pm
Wednesday 11am - 7pm
Thursday 11am - 7pm
Friday 11am - 7pm
Saturday 11am - 7pm

Telephone

+917024777954

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Svara Fincon posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Svara Fincon:

Share