30/10/2025
📢 “Rule 86A का सच —
Revenue बचाओ, पर Taxpayer को मत सताओ!”
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सोचिए…
आपने सारा GST भरा, ई-वे बिल बनाया, पेमेंट बैंक से किया…
फिर भी आपका ITC ब्लॉक! 😳
और वजह?
क्योंकि आपके supplier का “ऑफिस” सिर्फ़ कागज़ पर था!
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🏭 क्या हुआ था?
Coimbatore की 𝗩.𝗩. 𝗦𝘁𝗲𝗲𝗹𝘀 ने PSN Traders से माल खरीदा।
सारे डॉक्यूमेंट — इनवॉइस, ई-वे बिल, बैंक प्रूफ — सब genuine थे।
लेकिन डिपार्टमेंट ने बोला —
“PSN Traders तो बिना ऑफिस के काम कर रहा है, ITC कैसे valid हुआ?”
और बिना कोई नोटिस दिए, 12 दिसंबर 2024 को पूरा ITC ब्लॉक कर दिया
— Rule 86A के तहत।
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⚖️ फिर क्या हुआ?
V.V. Steels ने कहा —
“हमारे पास सारे सबूत हैं — ई-वे बिल, बैंक ट्रांज़ैक्शन, इनवॉइस सब रिकॉर्ड में है।”
डिपार्टमेंट की अपनी रिपोर्ट (28 मई 2025) में भी लिखा था कि
“Taxpayer ने सारे डॉक्यूमेंट जमा किए हैं और ट्रांज़ैक्शन सही हैं।”
फिर भी ITC अनब्लॉक नहीं हुआ… और मामला कोर्ट पहुँच गया।
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🏛️ 𝗠𝗮𝗱𝗿𝗮𝘀 𝗛𝗶𝗴𝗵 𝗖𝗼𝘂𝗿𝘁 का फैसला (𝟴 अक्टूबर 𝟮𝟬𝟮𝟱):
कोर्ट ने 𝗖𝗕𝗜𝗖 𝗚𝘂𝗶𝗱𝗲𝗹𝗶𝗻𝗲 (𝟬𝟮.𝟭𝟭.𝟮𝟬𝟮𝟭) का हवाला देते हुए कहा —
1️⃣ “Rule 86A का इस्तेमाल मनमाने ढंग से नहीं किया जा सकता।”
2️⃣ “अगर अफसर के पास सिर्फ़ शक है, सबूत नहीं — तो ITC ब्लॉक करना Natural Justice के खिलाफ है।”
3️⃣ कोर्ट ने डिपार्टमेंट को आर्डर दिया कि चार हफ़्तों में फैसला करें,
टैक्सपेयर को सुनवाई दें,
और अगर लेन-देन असली है — तो ITC अनब्लॉक करें।
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📘 𝗖𝗕𝗜𝗖 𝗚𝘂𝗶𝗱𝗲𝗹𝗶𝗻𝗲 - 𝗖𝗕𝗘𝗖-𝟮𝟬/𝟭𝟲/𝟬𝟱/𝟮𝟬𝟮𝟭-𝗚𝗦𝗧/𝟭𝟱𝟱𝟮 - 𝟬𝟮.𝟭𝟭.𝟮𝟬𝟮𝟭 कहती है:
𝟭. ITC ब्लॉक करना एक गंभीर कदम है — इसे सिर्फ़ पक्के सबूतों पर किया जाए।
𝟮. हर केस में “reasons to believe” लिखित में रिकॉर्ड हों।
𝟯. Rule 86A एक extraordinary power है — केवल जरूरी हालात में इस्तेमाल हो।
𝟰. Investigation और Adjudication एक साल के भीतर पूरे किए जाएँ।
𝟱. अगर एक साल तक कार्रवाई नहीं हुई, तो ITC अपने-आप अनब्लॉक हो जाएगा।
𝟲. जब Authority को लगे कि संदेह दूर हो गया है, तो वह ITC फिर से allow debit कर सकता है।
𝟳. पूरा ITC नहीं, सिर्फ़ उतना हिस्सा ब्लॉक करें जो संदिग्ध है — यानी action “targeted” हो, blanket नहीं।
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💡 सीख क्या मिली?
“Rule 86A revenue की सुरक्षा के लिए है,
ना कि ईमानदार टैक्सपेयर को सज़ा देने के लिए।”
ITC ब्लॉक करने से व्यापारी की working capital रुक जाती है,
इसलिए डिपार्टमेंट को चाहिए —
जांच समय पर पूरी करे, टैक्स की असली देनदारी तय करे,
और जहां गड़बड़ी मिले, वहीं कार्रवाई करे।
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💬 जैसा विकाश धनानिया कहते हैं —
“Rule 86A एक emergency brake है —
उसे तभी लगाइए जब सामने सच में खतरा हो,
ना कि हर बार जब सड़क पर धुंध दिखाई दे।” 🚦
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