11/03/2024
मित्रों आज का युवा जो कर्म नहीं करता है बहाने बनाता है कि मैं सुंदर नहीं हूं, मेरे पास यह नहीं है, मेरे पास वह नहीं है और अपनी जिंदगी यूं ही कमियां निकालने में गुजार देता है।
मित्रों देश का युवा चाहे तो खुद की जिंदगी सवार कर, देश की जिंदगी भी बदल सकता है। देश को एक नए मुकाम पर और विश्व ग्रुरू बनाने की दिशा में कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दे सकता है। लेकिन वह आजकल कामचोर बना हुआ है।
मित्रों हमें डोली चाय वाले भैया से यह जरूर सीखना चाहिए की शक्ल सूरत कोई मायने रखती। किसी भी चीज की कमी केवल बहाना मात्र है। अगर जीवन में वास्तव में सक्सेज होना है, सफलता पानी है तो अपने कर्मों से, मेहनत से, कार्यों में दक्षता और विशेषज्ञता हासिल करके अपनी पहचान बदल सकते हैं।
और एक सफल इंसान बनकर हमारे परिवार को, समाज और हमारे देश को भी सफल बना सकते हैं।
इसलिए प्लीज अपनी शक्ल सूरत का रोना नहीं रोये, और अपनी जिंदगी को मेहनत और कर्मों से सजाये, सवारे । आपके कर्म ही आपकी पहचान है आपकी शक्ल नहीं।🙏
फैसला वह सोच आपकी है कि आप अपने आप को कमजोर समझते हो या आपको जो मानव रूपी एक ही जिंदगी मिली है उसको एक नई दिशा दे सकते हो🙏🙏