Absolute Anoop

Absolute Anoop Anoop is a qualified chartered accountant and advocate by education and a spiritual scientist and educationist by compassion.

30/11/2023

Only One Word that is ADITYA, See START A and A but for you have to Create Your S . Knowledge is power, Knowledge is Goal and Knowledge is everything and Knowledge is that all is enternal and all solution of Human is Eternal and Bharat Shiv is available in Human Body @ back side Neck and that is Main Organ of Human and that is United with all and that have vibration and that is United whole BODY with GOD that supermo. This is the Highest knowledge and see the shape of organ is same as the shape in Shiv Ling in Mandir that is our Bharat, very soon know the World, the science of Bharat. Always Proud on your Village, Town and Country.

30/11/2023

सिर्फ एक अक्षर मे समाया सारा ब्रह्माण्ड वह है सिर्फ आर, आश्चर्य परन्तु वास्तविकता यही है R हिन्दी मे प्र और हम ग़लती से उसमें मात्रा लगा बैठें और की इच्छा कर ली करनी थी आर की और यह आर आन्तरिक रूप मै पूर्ण होगी और वह भी जब हम पहले म को पूर्ण करेंगे और यह है शाश्वत राम का अवतरण। हम जरा Market शब्द को देखिए और उनके शुरू के तीन शब्द Ram hi है और जरा गुरु ग्राम को देखिए और उसमें भी GuruGram मे भी राम इसलिए राम को सीमित मत करिए राम पूर्ण है और दिव्य है और वह एक अभिवाजित चेतना है और वही आपका पूर्ण अस्तित्व है और इसके लिए आपको बाज़ार शब्द को देखना होगा BAZAR aur इसमें से Z को समाप्त करना होगा और यही Z कुछ और नहीं सात चक्र है मानव मे जब तक उसे पार नहीं करेंगे BAAR बन नहीं पाएगा और यही WAR ही राम है जब राम मिल जाते है या बन जाते है तो आप का ह्रदय अयोध्या हो जाता है कोई भी युद्ध नहीं सिर्फ सब जगह और व्यक्ति और वस्तु मे राम ही । यह मास्टर प्रत्युष ने कर दिया यह है पूर्ण राम का अस्तित्व और राम की रामायण का पाठ।

27/10/2023

वास्तविकता यही है शकुनि आपका मस्तिष्क है और वही आपकों दुर्योधन बना रहा है और यदि आप यह समझ पाए और तुरन्त शकुनी जी पर नियन्त्रण करे वैसे ही धीरे धीरे कृष्ण से मुलाकात शुरू हो जाएगी पहले कृष्ण फिजिकल एनर्जी मे आएगे फिर मेंटल और फिर बढ़ते हुए आपकों जगाना शुरू करेंगे और जगाते चलें जाएंगे।

30/07/2023

संज्ञा और सर्व नाम की परिभाषा से परमात्मा , परमेश्वर को समझना और अनुभव करना यह है भारत की सनातन संस्कृति और उपनिषद की शक्ति। कितना सरल और सहज। संज्ञा देती है समझ कि ईश्वरीय शक्ति के ऐश्वर्य को समझा जा सकें और जुड़ा जा सकें और अपनी सांस को एक कर पाए और आगे जाकर अपने आप को पा सके और कैसे स्थान कार्य कर रहा है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पूर्ण समझ दे रहा है मानव को विकसित होने की और साथ ही साथ और कैसे जनेऊ परंपरा इसके साथ जुड़ी हुयी है और कैसे अंग्रेजी शब्द Now देता है मानव को समझ पूरे ब्रह्मांड की । यह है सनातन धर्म और संस्कृति भारत की। बस हमें समझना है। अबसोलूट बनने की क्षमता है इस तरह मानव की। यह देता है समझ। Absolute.

24/07/2023

Wisdom यही है रुकना है मानव को और सोचना है कि करना क्या, जीवन क्यों जीना है और इस जीवन का उद्देश्य क्या और इन्हीं प्रश्न के उत्तर
स्वयं से लेने है और यही धर्म है अपने आप स्वयं से जानना और तब तक वही करना जो स्वयं को सही लगे तब भी रास्ता मिल जाएगा।

17/07/2023

सदैव बदलाव करों अपने जीवन को बेहतर बनाओं। बदला लेने मे सिर्फ और सिर्फ ऊर्जा का ही ख़राब।

12/07/2023

शिव के शिवाय कुछ नहीं पूरे विश्व मे सबकुछ शिव मय। शिव एक परम तत्व, परम ऊर्जा और वह सब जगह और सब में कैसे शिव का अपमान करोंगे मानव। शिव ही शिव मै भी शिव तू भी और ऐसा कोई कण नहीं जहां शिव नहीं। यह ब्राह्मण का धर्म जब जागता है तो पूरे विश्व को अपनी सभ्यता और संस्कृति बताता है और प्रकाश लाता है । उपनिषद शक्ति की खान है ।

19/06/2023

ॐ नमः शिवाय। यह एक मंत्र नही पूरा ब्रह्मांड के स्वामी बनने का रास्ता। आज लड़ रहे है छोटी सी अस्थाई सत्ता के लिए पूर्ण सत्ता सिर्फ़ मन को नमः बनानें मे । मंत्र अपने आप मै M अपने ईश्वर को पाने का रास्ता। यह भारत का अध्यात्म। एक बार यात्रा शुरू तो करो ईमानदारी से किसने रोका शिव रूपी परम शक्ति से अपनी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए क्या शुद्धता खराब है क्या करूणा ख़राब है , क्या कर्तव्य निष्ठा खराब है कया क्या विनम्रता ख़राब है । यह सब प्राप्त होना शुरू होते है शिव शक्ति से क्या समस्या। समस्या हमारा भ्रम। शिव कैसे संन्यासी एक साधू। शिव ब्रह्माण्ड के स्वामी फिर भी शांत और स्थिर। यह है सन्यास सदैव अनाशक्ति हर मोह और आसक्ति से सिर्फ कल्याण। समानता देव और असुर मैं।

18/06/2023

सत्य सदैव कड़वा परन्तु सुधारता है हमें, हमारे जीवन को। मानव जिसके पास देवत्व एक पूर्ण प्रमाणन और सत्यापन के साथ उपलब्ध हर मानव के लिए क्यों नहीं मिलते और जज करते उसकी सत्यता को । क्या धर्म की स्थापना के लिए जरूरी नहीं कि सत्य को समझें और जिस प्रकार मानव दूध मे पानी मिलाता है ऐसे उसने राम के नाम को अपवित्र और मिलावटी कर दिया। राम कैसे विभाजित हो गए कही आशा राम के रूप मै कही राम रहीम के रूप मै और कैसे भाई भाई बंट गया जाति और धर्म मे राम को बांट दिया हमारी न समझी ने। राम से पवित्र और अक्षय कोई दूसरा नहीं। सनातन धर्म की फिर स्थापना होगी और मानव ही करेगा। राम का अवतरण मानव के ह्रदय मे ही। राम एक शान्त और धैर्य और बर्फ के समान ठन्डे न कि गर्म और अशांत। राम की रामायण को ध्यान से पढ़ना होगा एक ईश्वर होते हुए कितने शान्त और स्थिर। हर परिस्थिति मे सामंजस्य करने वाले हर उत्तरदायित्व के साथ ज़ीने वालें कभी कोई दैष भावना नहीं। सदैव प्रेम। सभी को क्षमा करने वाले। सदैव सत्य के साथ। यही है भारत के राम। राम के साथ जीना सीखों। राम के हनुमान बनों यही है भारत मां की आवाज। बदल दो पूरी व्यवस्था जो जर्जर हो चुकी है और इसके जिम्मेदार सिर्फ मानव वह हम । हमें अपने स्वयं का सुधार करना है और उसके लिए मै ही उत्तर दायी। क्षमा और विनम्रता के साथ।

08/06/2023

हम हमे गेरूह रंग को साफ करना होगा आज भ्रष्ट मानव इसके पीछे छिप कर अपने गुनाहों को धर्म की रक्षा और धर्म का हनन का खेल खेलता है यह बन्द होना चाहिए। और सभी मानव किसी भी परिस्थिति मे इसका पूर्ण विरोध करे तभी धर्म स्वच्छ और सुन्दर दिखेगा। इसी ने इतने पवित्र और पूजनीय धर्म को दुनिया मे बदनाम किया। यह गेरुआ रंग इतना पवित्र और पूजनीय है जिसका वर्णन किया जा सकता है यह मानव की पत्थर बुद्धि को पारस बुद्धि बनाता है।

20/05/2023

धर्म का यदि सही से प्रचार और प्रसार हो तो समाज मे नैतिकता और एकत्व का उदय होने मे देर नही होगी। धर्म से मानव मे शुद्धता आती है जो मानव के भय को कम करती है जिससे मानव मे भ्रष्ट ता कम होती है और मानव मै द्वैत भी कम होता और मानव मै एकत्व बड़ता है। धर्म एक ज्ञान है जिसका विज्ञान करना मानव जीवन का सबसे सर्वोत्तम कार्य। धर्म अनुभव का विषय। धर्म बहस का विषय नहीं। वेदान्त को अपना जीवन बनाओं और चाहे आप कोई भी जाति और आपने कोई सम्प्रदाय मे जन्म लिया हो। आपके स्व का कोई नाम और रूप नही निराकार और सनातन सदैव एक जैसी उसका अनुभव करने का प्रयास करों और किया जा सकता है आपके सामने उदाहरण स्वरूप। आपका अपना मानव भाई सभी के लिए किसी हिन्दू, मुसलमान, सिक्ख या ईसाई की बात नहीं। किसी ब्राह्मण, क्षत्रिय वैश्य या शुद्र की बात नहीं। यही है सत सिर्फ सत एक जैसा निराकार सदैव आपके ह्रदय मे धड़कने वाला सनातन तत्व। यही पर एकत्व। यही है मानव और विश्व का संबंध। इसी स्व का विस्तार विश्व। यही है भारत का धर्म वेदान्त।

20/05/2023

धर्म जो सत का अनुभव कराएं वही धर्म। और यह एक विज्ञान है । जितने ज्यादा ज्यादा मानव इसका अनुभव करेंगे उतना ही सृष्टि मे शान्ति और सौहार्द आएगा। आज धर्म सबसे निम्न स्तर पर और कारण आपके सामने रूस और यूक्रेन, सीरिया, सूडान, अफगानिस्तान जहां मानव को शोषण और मानवता का हनन और हर देश मे सिर्फ सत्ता के लिए विभाजन कोई नैतिकता और मानवता नहीं। कोई कही और कही कोई स्थायित्व नहीं। कोई एक समावेशी समाधान नहीं सिर्फ अपनी महत्वाकांक्षा और अपना संकुचित स्वार्थ कारण एक धर्म को धारण नहीं किया गया। भारत वह देश था जहां धर्म को धारण और विकसित किया गया। जहां वेदान्त और अदैतवाद दिया। जहां वसुधैव कुटुंबकम् का अनुभव किया गया वहां भी धर्म का बहुत ही निम्न स्तर। धर्म का उद्देश्य आपकी चेतना को विकसित करना जिससे आप अपने स्व के रूप को जान पाए जिसका संबंध परमेश्वर से है , परम से जिसका कोई भी नाम और रूप नहीं और वह सदैव एक सा रहता। हर काल और दशा मे फिर इतना विभाजन क्यों कारण धर्म का अनुभव न होना।

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