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समाचार पत्र की इस खबर को ध्यान से पढ़िए!!     अभी इंश्योरेंस एडवाइजर पॉलिसी के लिए आपके घर आ रहें हैं, कहीं ऐसा न हो कि ...
20/12/2025

समाचार पत्र की इस खबर को ध्यान से पढ़िए!!
अभी इंश्योरेंस एडवाइजर पॉलिसी के लिए आपके घर आ रहें हैं, कहीं ऐसा न हो कि भविष्य में आपको इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने इंश्योरेंस एडवाइजर के घर/ऑफिस जाना पड़े!
आपके परिवार के लिए आपकी फाइनेंसियल वेल्यू और अपनी भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बीमा करवाएं! साधारण बचत से भविष्य के सपने साकार नहीं हो सकते!! अधिक जानकारी के लिए 9165743636 पर सम्पर्क करें!

12/12/2025

भाइयो-बहनो, नोएडा में ऐसा फ्रॉड हुआ है जिसे सुनकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ जाएं।
ये न तो कोई लड़की वाला फँसाने वाला केस है…
न कोई साइबर अरेस्ट ड्रामा…
बल्कि ये उन लोगों का खेल था, जो खुद को इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र बताते थे और दूसरों को बताते थे – कहाँ पैसा लगाना है और कहाँ नहीं।

शुरुआत ऐसे हुई कि किसी को भनक भी न लगी…

इंद्र जी नोएडा में रहते थे।
एक दिन उनके मोबाइल में एक लड़की का मैसेज आता है — नाम था रितिका ठाकुर।
बड़ी मीठी भाषा, बड़ा समझदार टोन और बड़े शांत तरीके से उसने इंद्र जी को इन्वेस्टमेंट का ऑफर दिया।

बोली –
“बस ₹50,000 से शुरू कर लो… 10 गुना, 20 गुना, 50 गुना तक पैसा बढ़ता है… अगर पसंद न आए तो आगे मत करना।”

इंद्र जी ने सोचा — चलो, 50,000 ही तो हैं, ट्राय करके देखते हैं।

और जैसे ही उन्होंने पैसा लगाया…
₹50,000 → ₹9 लाख हो गए!
हाँ, भाईसाहब 9 लाख!!
और मज़े की बात?
वह 9 लाख निकाल भी पाए।
बस यहीं से खेल शुरू हो गया।

“जब चारा मीठा लगे… तो बड़ी मछली खुद फँस जाती है”

अब इंद्र जी का भरोसा बैठ गया।
धीरे-धीरे उन्होंने अलग-अलग स्कीमों में…
अलग-अलग खातों में…
करीब ₹11 करोड़ 50 लाख डाल दिए।

एप में पूरा बैलेंस दिखता था…
प्रॉफिट दिखता था…
ग्राफ ऊपर जाता था…
सब कुछ राजा जैसा लग रहा था।

यही स्कैम का सबसे खतरनाक हिस्सा होता है —
आपको दिखाया जाता है कि आप करोड़पति बन चुके हो।

फिर आया वो दिन… जिसने जिंदगी हिला दी

कंपनी ने बोला —
“एक नई कंपनी आई है… 17 करोड़ लगाओ… और 170–200 करोड़ तक कमा लो!”

लेकिन इंद्र जी पहले ही अपनी सारी जिंदगी की पूँजी लगा चुके थे।
अब पैसा नहीं था, और इसी टेंशन में जब उन्होंने पैसा विड्रॉ करने की कोशिश की…

पैसा निकला ही नहीं।
फोन किए – सब बंद।
अकाउंट लॉगिन ही नहीं हो रहा था।

अब भागे पुलिस के पास।
वहाँ पता चला —
11.5 करोड़ रुपए साफ़!
पूरा स्कैम… पूरा नेटवर्क… और पूरी टीम हवा।

अब आपकी बारी — सावधान रहें!

आप कहेंगे — “हमारे पास तो इतना पैसा ही नहीं।”
लेकिन सुन लो…

आपके पास जितना पैसा है,
उसी लेवल के स्कैमर आपके लिए बैठे हैं।

कम पैसा है → छोटे स्कैमर तैयार बैठे..???

ज्यादा पैसा है → 9 लाख फ्री में दिखा कर करोड़ों साफ़ करने वाले..??

रातों-रात करोड़पति बनाने वाली कोई स्कीम नहीं होती।
न शेयर मार्केट में, न इन्वेस्टमेंट में।

शेयर मार्केट में सिर्फ एक ही चीज़ असली है —
सीख :--
धैर्य और सही दिशा।

बाकी सब फर्जी चमक है।
सतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए... 👍🌹💯🌞

02/12/2025

अतीत की कहानी,, एक सेल्स आफिसर की जुबानी
1995 का दौर…
एक प्राइवेट कंपनी में वीडियो प्रोजेक्टर बेचने की नौकरी करता था।
पद का नाम “सेल्स ऑफिसर”, पर औक़ात सेल्समैन की!

टाटा की औरंगाबाद में होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट है। उन्हें दो प्रोजेक्टर चाहिए थे।
कीमत पर चर्चा के लिए वहाँ के बड़े अफसर, मिस्टर गोंसाल्विस ने मुझे मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास स्थित ताज होटल के पीछे वाले ऑफिस में सुबह साढ़े आठ बजे बुलाया था।

इतनी बड़ी कंपनी का ऑर्डर—हम सबके लिए बेहद महत्वपूर्ण।
लेट होने का रिस्क नहीं ले सकता था। इसलिए चाय तक नहीं पी, तैयार होकर ठीक आठ बजे वहाँ पहुँच गया और रिसेप्शन पर सूचना दी।

रिसेप्शन पर बैठी करीब साठ साल की औरत ने तुनक कर कहा—
“साढ़े आठ बोला था न? इतना जल्दी काहे को आया?”

मैं बोला, “सॉरी मैडम, मैं रुक जाता हूँ।”

ज़रूरतमंद को न समझ, न सम्मान—कुछ नहीं बचता।

साढ़े आठ हुए, नौ बजे, दस बजे, फिर ग्यारह बज गए…
पर मुझे बुलावा नहीं आया!

हिम्मत करके फिर उसकी तरफ गया—
“वेट सम टाइम. Mr. Gonsalves is busy.”

कितना वेट करूँ?
पेट में कौए कांव-कांव कर रहे थे!
जल्दी उठकर तैयार हुआ था, भूख और थकान से चक्कर सा आने लगा।
सोचा नीचे जाकर कुछ खा लूँ, पर तब ही अगर बुला लिया तो?
हाथ का ऑर्डर गया, तो नौकरी भी गई!

इसलिए वहीं बैठा रहा।

करीब दोपहर का एक बजा होगा। मेरे बायीं तरफ वाली लिफ्ट का दरवाज़ा खुला।
दो हैंडसम युवा आगे और उनके पीछे पाँच-छह लोग।
वो मेरी सामने से गुजरकर दायीं तरफ कॉन्फ्रेंस रूम की ओर जा रहे थे।

मैंने पीछे वाले शख्स को देखा और जड़ हो गया—
खुद रतन टाटा!

दमदार चाल, तेज़ कदम—वो आगे बढ़ते गए।
आगे वाले दोनों बॉडीगार्ड, पीछे “ताज” के अफसर।

वो मेरे सामने hardly दस-बारह सेकंड रहे।
तीन फुट की दूरी से गुज़रे।
मैं भाव-विभोर! भूख-प्यास सब गायब!
दिन सार्थक हो गया!

रतन टाटा महीने में कभी भी अचानक “ताज” की इन्स्पेक्शन करने आते हैं।
किसी को पहले से खबर नहीं देते।
सौभाग्य से वो दिन आज का था!
और दुर्भाग्य से—वो सुबह आठ बजे से गोंसाल्विस के साथ थे, इसलिए मुझे किसी ने नहीं बुलाया!

दो बज गए।
कॉन्फ्रेंस रूम का दरवाज़ा खुला। एक आदमी दौड़कर लिफ्ट खोलने गया।
मगर जैसे पहले, खटाखट जूतों की आवाज़—सब बाहर आए और लिफ्ट की ओर बढ़े।

मैं एकदम पुतला—
रतन टाटा मेरे सामने से गुजर रहे थे… फिर से… तीन फुट की दूरी से…

अचानक वो रुके!
मुड़कर रिसेप्शनिस्ट से पूछा—
“Why is this gentleman waiting here?”

घबराई हुई रिसेप्शनिस्ट ने बताया कि मैं गोंसाल्विस से मिलने आया हूँ।
गोंसाल्विस महाशय उन्हीं चार लोगों के पीछे थे!

टाटा ने उनसे कहा—
“Please attend him, Mr. Gonsalves. He is here since an hour. Why are you wasting his time?”

गोंसाल्विस तुरंत मुझे अपने ऑफिस में ले गए।
चाय-बिस्कुट खिलाए, बात की…
और ऑर्डर भी दे दिया!

रतन टाटा को यह अंदाज़ा भी नहीं था कि मैं वहाँ छह-सात घंटे से भूखा बैठा हूँ!
पर एक “अज्ञात सेल्स ऑफिसर” के समय को भी उन्होंने मूल्य दिया।

---

2008 की बात है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर एक्स-रे चेकिंग के लिए मैं लाइन में खड़ा था।
शाम का वक्त—तौबा-तौबा भीड़!
छोटी सी लाइन दिखी, तो आखिरी में जाकर खड़ा हो गया।

अचानक आगे हलचल!
चार-पाँच लोग छठी पोजीशन वाले व्यक्ति को आगे जाने को कह रहे थे—
और वो व्यक्ति हिल नहीं रहा था!

छठवीं पोजीशन पर खुद रतन टाटा खड़े थे!

जैसे ही आगे वाले ने पीछे देखा, वह हक्का-बक्का!
उसने जगह छोड़ दी—
बाकी ने भी जगह दे दी।
पर रतन टाटा ने हाथ जोड़कर कहा—

“Thanks, but it’s ok.
It will take hardly 10 minutes.”

इतने में सिक्योरिटी ऑफिसर आया।
रतन टाटा को “जनरल पब्लिक” की लाइन में देखकर वो भी हैरत में!

उसने उनका बैग उठाया—
“सर, आइये, आगे चलते हैं।”

“No no. Thank you officer.”

टाटा अड़े रहे।
अपने नंबर के हिसाब से आगे बढ़े।
जैसे एक आम नागरिक।

सभी लोग—सिक्योरिटी, यात्री, कर्मचारी—सम्मानभरी नज़रों से उन्हें देख रहे थे।

निजी हवाई जहाज़ का मालिक, एक एयरलाइन का मालिक, टाटा समूह का सर्वेसर्वा—
पर सुरक्षा जांच के सामने पूर्णत: सामान्य नागरिक!

और दूसरी तरफ—राजनेता, फिल्मी सितारे, VIP—जिनकी गाड़ियों से लेकर स्वभाव तक में अहंकार टपकता है।

उनके मुकाबले रतनजी का यह विनम्रपन—
उनकी व्यक्तित्व को और “तेजस्वी” बना देता है।

विगत 23 नवंबर 2025 को अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध अधिकारी/कर्मचारी (आलोक) संघ का जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह जीएसटी ...
25/11/2025

विगत 23 नवंबर 2025 को अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध अधिकारी/कर्मचारी (आलोक) संघ का जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह जीएसटी कमिश्नर लोकेश लील्हारे जी के मुख्य आतिथ्य में खैरलांजी (बालाघाट) में सम्पन्न हुआ, उपरोक्त कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आलोक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनंत लाल दमाहे जी, प्रदेश अध्यक्ष इंजी. एसके गिरिया जी, प्रदेश संयोजक आरएस लोधी जी, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश्वर दमाहे जी, छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय महासचिव जतन दमाहे जी, जिला अध्यक्ष छिंदवाड़ा विनोद वर्मा जी, नवोदय जागृति अभियान अध्यक्ष जयपाल जांघेल जी, लोधी महासभा अध्यक्ष डाक्टर अशोक लिल्हारे जी, पूर्व जनपद अध्यक्ष खैरलांजी राकेश बनोटे जी, पूर्व जनपद अध्यक्ष वारासिवनी चिंतामन नगपुरे जी, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष खैरलांजी दुर्गा प्रसाद लिल्हारे जी, जिला पंचायत सदस्य सुनीता बहेटवार जी, समाजसेवी अजाब शास्त्री जी, भारत सीहोरे जी, सरपंच खैरलांजी श्रीमती ज्योति नगपुरे जी, आलोक के राष्ट्रीय संगठन सचिव सीडी नगपुरे जी, प्रदेश कार्यालय महासचिव दुर्गा सुलाखे जी, प्रदेश महासचिव ओपी नगपुरे जी, प्रदेश महासचिव राजेश नगपुरे जी, प्रदेश संगठन सचिव अनोज बसेने जी, जिला अध्यक्ष बालाघाट प्रभु लाल पिछोडे जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीएस नगपुरे जी, ब्लॉक अध्यक्ष बालाघाट कन्हैया मस्करे जी, ब्लॉक अध्यक्ष वारासिवनी एवनलाल कंसरे जी, ब्लॉक अध्यक्ष लालबर्रा हितेंद्र दमाहे जी, ब्लॉक अध्यक्ष खैरलांजी जयप्रकाश कातरे जी, ब्लॉक अध्यक्ष लांजी राजेश मस्करे जी, ब्लॉक अध्यक्ष किरनापुर पन्नालाल नगपुरे, महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष किरनापुर श्रीमती परमेश्वरी महुले जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष किरनापुर राधेश्याम ढेकवार जी, उपाध्यक्ष किरनापुर माधव सिंह बघेल जी, उपाध्यक्ष किरनापुर नेतलाल धामडे जी, कार्यालय सचिव किरनापुर वासुदेव कुशराहे जी, आलोक के अन्य पदाधिकारीगण लोकेश रतोने जी, श्रीमती गीता सोलखे जी, विजय लिल्हारे जी, लक्ष्मीकांत रनगिरे जी, श्रीराम बोहने जी, प्रकाश नगपुरे जी, दिलीप लिल्हारे जी, सोमालाल बघेले जी, ललित बिरनवार जी, संतोष नगपुरे जी, रतनलाल बिरनवार जी, आईडी रनगिरे जी, धनलाल पगरवार जी, कलीराम दमाहे जी, पुष्पराज लील्हारे जी, डोमेन्द्र म़दरेले जी, बिज्जु बघेले जी, जीवनलाल मुंजारे जी, बाबूलाल मस्करे जी, अरुण बिरनवार जी, सरद सौलखे जी, लक्ष्मण रनगिरे जी एवं आलोक के अन्य पदाधिकारीगण, सदस्यगण, समाज के वरिष्ठजन, सामाजिक बंधुओं, मात्र शक्ति, विद्यार्थीयों की उपस्थिति रही!
उपरोक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में लोधी समाज के वे सभी व्यक्ति जिन्होंने प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप अपना सहयोग दिया है, उन सभी को हृदय की गहराइयों से धन्यवाद!!!!

6 नवंबर 2025 दिन गुरुवार को गुरु गोविंद सिंह जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित रक्तदान शिविर में आप सभी रक्तद...
05/11/2025

6 नवंबर 2025 दिन गुरुवार को गुरु गोविंद सिंह जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि स्वरूप आयोजित रक्तदान शिविर में आप सभी रक्तदाता सादर आमंत्रित हैं!

भारत के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन
31/10/2025

भारत के प्रथम गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन

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